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महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 17वां दीक्षांत समारोह आयोजित राज्यपाल ने विद्यार्थियों को स्वर्ण प्रदान के साथ दीक्षा व उपाधियां प्रदान की दीक्षांत, विद्यार्थियों की शिक्षा के अंत का समय नहीं बल्कि नवीन मानवीय दृष्टिकोण से प्रारंभ होने वाली यात्रा का आरम्भ है-राज्यपाल मिश्र

दीक्षांत, विद्यार्थियों की शिक्षा के अंत का समय नहीं बल्कि नवीन मानवीय दृष्टिकोण से प्रारंभ होने वाली यात्रा का आरम्भ है। दीक्षांत ही वह समय होता है जब विद्यार्थी के अध्ययन काल में किये गये कठोर परिश्रम का प्रतिफल उसे प्राप्त होता है।

यह विचार प्रदेश के राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने बुधवार को महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के विवेकानंद सभागार में आयोजित 17वां दीक्षांत समारोह में बतौर मुख्य अतिथि व्यक्त किए। राज्यपाल ने कहा कि महाराणा प्रताप देश के पहले ऐसे स्वाधीनता सेनानी थे जिन्होंने अपनी मातृभूमि की आन-बान और शान के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया था। मेवाड़ के अधिपति भगवान शिव हैं। यहां के महाराणाओं ने महादेव को इस धरती का अधिपति मानते हुए ही यहां शासन की परम्परा को पीढ़ी दर पीढ़ी आगे बढ़ाया है।

उन्होंने कहा कि यह सुखद है कि कृषि में प्रौद्योगिकी जनित शोध के लिए आपके विश्वविद्यालय के अंतर्गत प्रौद्योगिकी व अभियांत्रिकी महाविद्यालय कार्य कर रहा है।
उन्होंने प्रसार शिक्षा के तहत प्रकृति अनुकूल कृषि को बढावा देते हुए किसानों को ऐसे प्रयासों के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया जिससे रासायनिक उर्वरकों का कम से कम उपयेग खेती में हो। उन्होंने
नई शिक्षा नीति के आलोक में इस तरह के कृषि और प्रौद्योगिकी पाठ्यक्रमों का निर्माण करने पर जोर दिया जिससे विद्यार्थी खेती के प्रति अधिकाधिक आकर्षित हो।
श्री मिश्र ने नवाचार व उद्यमिता के साथ उच्च शिक्षा को ज्ञान सृजन का बड़ा आधार बनाकर विकसित भारत के लिए कार्य करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने सुझाव दिया कि उच्च शिक्षा के अंतर्गत कृषि एवं प्रौद्योगिकी से जुड़े अधिकाधिक स्टार्ट-अप इनक्युबेशन, प्रौद्योगिकी विकास तथा अनुसंधान केंद्र स्थापित हों। उन्होंने पूर्व में संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया।
इस अवसर पर राज्यपाल श्री मिश्र ने 42 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किये और 864 स्नातक, 21 स्मातकोत्तर व 74 विद्या-वाचस्पति छात्र-छात्राओं को दीक्षा व उपाधियां प्रदान कर बधाई दी।
राज्यपाल श्री मिश्र ने इस मौके पर विश्वविद्यालय द्वारा प्रकाशित मोटे।अनाज से जुड़े शोध संदर्भों की कॉफी टेबल बुक का भी लोकार्पण किया।

समारोह में भारतीय कृषि अनुसंधान परिषद् नई दिल्ली के उप महानिदेशक (कृषि शिक्षा) डॉ. आर. सी. अग्रवाल ने भी संबोधित किया। प्रारंभ में महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अजीत कुमार कर्नाटक ने स्वागत उद्बोधन के साथ प्रतिवेदन प्रस्तुत किया।

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