राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने माउन्ट आबू वन्यजीव अभयारण्य में वन्य जीवों की विविध प्रजातियों और पारिस्थितिकी तंत्र के संरक्षण और सतत् प्रबंधन में जागरूकता बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने वन क्षेत्र की सुरक्षा और वन्यजीवों की सुरक्षा में जनभागीदारी से कार्य किए जाने पर भी जोर दिया।
श्री मिश्र ने गुरुवार को राजभवन में उनसे मिलने आए भारतीय वन सेवा के अधिकारी एवं उपवन संरक्षक श्री विजय शंकर पाण्डेय से कहा कि आबू पर्वत अभयारण्य क्षेत्र के प्रबंधन के साथ ही इसके विकास पर भी वन विभाग सतत रूप से कार्य करे। उन्होंने वन्यजीवों के संरक्षण को महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि इसी से यहां के पारिस्थितिकी तंत्र को बचाया जा सकेगा।
आबू पर्वत के उप वन संरक्षक श्री पाण्डेय ने आबू पर्वत की जैव विविधता और वनस्पतियों के साथ ही वन क्षेत्र की स्थिति के बारे में विस्तार से राज्यपाल श्री मिश्र को जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आबू में पक्षियों की 239 से अधिक प्रजातियों के लिए उत्कृष्ट आवास है। यहां फाइकस एवं जायजीफस प्रजाति के फलदार वृक्ष हैं। आम, जामुन आदि फल आम जन के साथ ही जंगली जानवरों और पक्षियों को भी पर्याप्त भोजन प्रदान करते हैं। उन्होंने वन्यजीव अभयारण्य और वन क्षेत्र संरक्षण के लिए किए जा रहे प्रयासों के बारे में भी राज्यपाल को विस्तार से जानकारी दी।
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