महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय का 15वां दीक्षांत समारोह आयोजित
युवा वर्ग को कृषि क्षेत्र की वैश्विक जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार करें- राज्यपाल
राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि कृषि-तकनीकी क्षेत्र में ऐसे विशेषज्ञ पाठ्यक्रम शुरू किए जाएं जिनसे युवा वर्ग रोजगार प्राप्त कर कृषि क्षेत्र की वैश्विक जरूरतों को पूरा करने के लिए तैयार हो सके। उन्होंने कहा कि कृषि एवं प्रौद्योगिकी के जरिए समाज में बहुत बड़े स्तर पर परिवर्तन किया जा सकता है।
राज्यपाल श्री मिश्र सोमवार को तीन दिवसीय उदयपुर प्रवास के पहले दिन महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय के 15वें दीक्षांत समारोह के अवसर पर सुखाड़िया विश्वविद्यालय के विवेकानन्द सभागार में सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि पिछले कुछ समय के दौरान कृषि शिक्षा मे युवाओं की रुचि तेजी से बढ़ रही है, जो अच्छा संकेत है। उन्होंने सुझाव दिया कि कृषि प्रबंधन, सहकारिता, कृषि विपणन, कृषि पर्यावरण आदि क्षेत्रों से जुड़े पाठ्यक्रम विश्वविद्यालयों में तैयार किए जाएं।
राज्यपाल ने कहा कि चिकित्सा, विज्ञान और तकनीकी क्षेत्र में होने वाले शोध को कृषि की आवश्यकताओं से जोड़ कर अंतर-संकाय शोध को बढ़ावा दिए जाने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि शोध की ऐसी समन्वित पद्धति पर बल दिया जाए जिससे खेती से मनुष्य की आवश्यकताओं को पूरा करने के साथ ही पर्यावरण संरक्षण भी संभव हो सके।
राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि कई देशों ने कृषि में क्रांति लाने के लिए डिजिटल तकनीक को सफलतापूर्वक अपनाया है लेकिन भारत में कृषि में डिजिटल प्रौद्योगिकी का उपयोग अभी अपनी प्रारंभिक अवस्था में है। उन्होंने कृषि विश्विद्यालयों से इस दिशा में शोध एवं विकास के लिए आगे आने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि किसानों को ई-विपणन मंच पर पंजीकृत करवाने के लिए भी प्रोत्साहित करने की जरूरत है।
राज्यपाल श्री मिश्र ने वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप को मातृभूमि के लिए संघर्ष करने वाले प्रथम स्वाधीनता सेनानी की संज्ञा देते हुए उन्हें नमन किया। इससे पहले, कुलाधिपति ने छात्र-छात्राओं को उपाधियां एवं स्वर्ण पदक प्रदान किये। सुश्री मेघा मिश्र को एम टेक में सर्वोच्च अंकों से उपाधि प्राप्त करने पर कुलाधिपति स्वर्ण पदक प्रदान किया गया।
कृषि एवं पशुपालन मंत्री श्री लालचंद कटारिया ने अपने संबोधन में राज्य सरकार द्वारा कृषि एवं कृषक कल्याण के क्षेत्र में राज्य सरकार द्वारा किए गए महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी।
एपीजे अब्दुल कलाम तकनीकी विश्वविद्यालय, लखनऊ के पूर्व कुलपति प्रो. दुर्ग सिंह चौहान ने दीक्षांत सम्बोधन देते हुए कृषि शिक्षा के क्षेत्र में उपलब्ध अवसरों एवं चुनौतियों के बारे में चर्चा की।
विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. नरेन्द्र सिंह राठौड़ ने अपने सम्बोधन में विश्वविद्यालय की प्रगति एवं शैक्षणिक गतिविधियों के बारे में जानकारी दी।
राज्यपाल ने इससे पूर्व उपस्थित जनों को संविधान की उद्देश्यिका तथा मूल कर्तव्यों का वाचन भी करवाया।
दीक्षान्त समारोह में सुखाडिया विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. अमेरिका सिंह, जनार्दनराय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलपति प्रो. एस.एस. सारंगदेवोत, राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्दराम जायसवाल, विवि के प्रबंध मंडल एवं शैक्षणिक परिषद के सदस्यगण, प्रशासनिक अधिकारी, शिक्षाविद, छात्र-छात्राएं एवं गणमान्यजन उपस्थित रहे।
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