भारत दर्शन यात्रा के तहत कश्मीर घाटी के 26 विद्यार्थियों ने बुधवार को राजभवन में संविधान उद्यान का भ्रमण किया। बाद में उन्होंने राज्यपाल श्री कलराज मिश्र से मुलाकात कर संविधान निर्माण और उसे लागू किए जाने की यात्रा के विभिन्न चरणों पर संवाद भी किया।
राज्यपाल श्री मिश्र ने इस दौरान कहा कि संविधान देश का सर्वोच्च विधान है। इसका आरंभ “हम भारत के लोग” की उद्दात दृष्टि से होता है। उन्होंने कहा कि विविधता में एकता की भारत की धरती सभी को मिलकर रहने की सीख देती है। उन्होंने संविधान प्रदत्त अधिकारों के साथ कर्तव्यों की पालना के लिए भी सभी को सजग रहने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने मूल संविधान की प्रति में उकेरे गए चित्रों, संविधान की धाराओं, संविधान में समान नागरिक संहिता आदि के बारे में भी बच्चों को जानकारियां दी।
इससे पहले सीमा क्षेत्र पर कार्यरत सेना की 21 वीं बटालियन के नजूद्दीन खान ने कार्यक्रम के बारे में जानकारी दी। साथ आई शिक्षक हुमेरा शाहिद ने राजभवन में संविधान उद्यान को अभूतपूर्व बताते हुए कहा कि यह संविधान का साक्षात दर्शन है। बच्चों को इससे संविधान की सहज समझ होती है। इस अवसर पर प्रमुख सचिव श्री सुबीर कुमार और प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविंदराम जायसवाल भी उपस्थित रहे।
उल्लेखनीय है कि सीमा क्षेत्र पर कार्यरत सुरक्षाबलों द्वारा नागरिक क्रियान्वयन कार्यक्रम के तहत 3 अक्टूबर से 12 अक्टूबर तक श्रीनगर से जैसलमेर की यात्रा पर इन बच्चों को लाया गया है। कश्मीर घाटी के विद्यालयों में अध्ययनरत 26 विद्यार्थियो, शिक्षक, सेना अधिकारियों सहित 30 सदस्यीय दल इस समय भारत दर्शन की यात्रा पर राजस्थान में हैं।
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