जम्मू कश्मीर और लद्दाख के स्थापना दिवस पर राजभवन में मंगलवार को वहां के स्थानीय कलाकारों द्वारा मनोहारी सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दी गई। लद्दाख के कलाकारों ने वहां के वाद्य यंत्र कोपोंग की मधुर प्रस्तुति के साथ लद्दाखी लोक संगीत और सुप्रसिद्ध जबरू नृत्य का विशेष रूप से प्रदर्शन किया। राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने सांस्कृतिक कार्यक्रम की सराहना की। उन्होंने लद्दाख से आए प्रतिनिधिमंडल और जम्मू कश्मीर के स्थानीय लोगों से संवाद करते हुए राजभवन में उनका भाव भरा अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि धरती का स्वर्गिक सौंदर्य समाए यह दोनों ही प्रदेश प्रकृति का हम सबको सौंपा उपहार है। उन्होंने विविधता में एकता की भारत भूमि से जुड़ी इन प्रदेशों की संस्कृति और परम्पराओं को देश की अनमोल धरोहर बताया।
राज्यपाल ने कहा कि विविधताओं में एकता की भारत भूमि भाईचारे और सद्भाव की मिसाल है। उन्होंने संविधान की भारतीय संस्कृति और उससे जुड़े मूल्यों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि अधिकारों के साथ साथ हमें कर्तव्यों के प्रति भी सजग रहने की आवश्यकता है।
उन्होंने जम्मू कश्मीर और लद्दाख में प्रकृति द्वारा बिखेरे सौंदर्य की चर्चा करते हुए कहा कि राजभवन में प्रदेशों के स्थापना दिवस आयोजन हमें हमारी परस्पर मेलजोल की प्रकृति, मिट्टी और लोक से जुडी संस्कृति से जोड़ती है। इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री सुबीर कुमार और प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविंदराम जायसवाल भी उपस्थित रहे।
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