राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने शनिवार को अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन द्वारा जयपुर व्यापार महासंघ के सहयोग से आयोजित समारोह में दीपावली पर गुलाबी नगर की रोशनी और साज—सज्जा में विभिन्न श्रेणियों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले बाजारों एवं प्रतिष्ठानों को पुरस्कार प्रदान किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि दीपोत्सव रोशनी के साथ ही उत्सवधर्मिता में जीवन जीने का पर्व है। उन्होंने इस अवसर पर सम्मानित हुए व्यावसायिक संस्थानों से सार्वजनिक सरोकार रखते हुए परोपकार के कार्यों में सहयोग करने का भी आह्वान किया।
श्री मिश्र ने कहा कि अपने लिए सभी कार्य करते हैं परन्तु जीवन की सार्थकता इसमें है कि हम दूसरों के सुख और संतोष के लिए भी कार्य करें। उन्होंने जयपुर को धर्म और अध्यात्म की छोटी काशी बताते हुए यहां सामूहिक रूप में उत्सवधर्मिता से त्योहार मनाने की परंपरा की सराहना भी की। उन्होंने वैश्य समाज को भामाशाह परम्परा से जुड़ा समाज बताते हुए कहा कि देश और राज्य की अर्थव्यवस्था को सशक्त करने का महती कार्य इसी समुदाय द्वारा सर्वाधिक किया गया है। उन्होंने वैश्य समाज को व्यवसाय के साथ जनहित के अधिकाधिक कार्य करने का आह्वान किया।
राज्यपाल ने व्यावसायिक प्रतिष्ठानों, बाजारों और अन्य वर्ग में उत्कृष्ट रोशनी करने वालों को पुरस्कृत करते हुए जयपुर को स्वच्छ और सौंदर्यमय करने के लिए सबको मिलकर निरंतर प्रयास किए जाने पर भी जोर दिया।
इस अवसर पर अन्तर्राष्ट्रीय वैश्य महासम्मेलन के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष एवं प्रदेश प्रभारी श्री ध्रुवदास अग्रवाल ने विभिन्न स्तरों पर किए जाने वाले संगठन के कार्यों के बारे में विस्तार से जानकारी दी। महामंत्री श्री गोपाल गुप्ता और कोषाध्यक्ष श्री सुरेश कालानी ने भी अपने विचार रखें। राज्यपाल श्री मिश्र ने पूर्व में सभी को संविधान की उद्देशिका और मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया।
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