ख़्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती के 810 वें सालाना उर्स के मौके पर राज्यपाल श्री कलराज मिश्र की ओर से शनिवार को अजमेर स्थित दरगाह पर चादर पेश की गई। राज्यपाल श्री कलराज मिश्र की ओर से प्रदेशवासियों के सुखद स्वास्थ्य, खुशहाली, समृद्धि और संपन्नता की दुआ करते हुए देश-दुनिया से आ रहे जायरीनों को मुबारकबाद भी दी गई।
राज्यपाल के परिसहाय श्री राजऋषि वर्मा ने शनिवार को दोपहर एक बजे अजमेर में मजार शरीफ पर राज्यपाल की तरफ से चादर पेश की। इस दौरान राज्यपाल श्री मिश्र का संदेश पढ़कर सुनाया गया। राज्यपाल श्री मिश्र ने अपने संदेश में कहा कि यतीमों की मदद करने वाले ख्वाजा मोइनुद्दीन चिश्ती भावात्मक एकता और सौहार्द के प्रतीक हैं। सन्देश में उन्होंने ख्वाजा साहब के अमन और मोहब्बत के पैगाम को घर घर पहुंचाने का आह्वान किया।
राज्यपाल श्री मिश्र की ओर से चादर लेकर आए अधिकारियों को खादिम श्री मुकद्दस मोईनी और हाजी सैय्यद अब्दुल बारी चिश्ती ने जियारत करवाई। खादिम श्री सैय्यद वसीम बारी ने चादर पेश करवाई। दरगाह शरीफ के दिल्ली गेट दरवाजे पर अंजुमन के पदाधिकारियों व जिले के प्रशासनिक अधिकारियों ने चादर की अगवानी की। जियारत के बाद अंजुमन सैयद जादगान के सचिव सैय्यद वाहिद हुसैन अंगारा और दरगाह कमेटी की ओर से अधिकारियों की दस्तारबंदी की गई।
इससे पहले शनिवार को प्रातः राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने राजभवन में अजमेर में स्थित सूफी सन्त नवाज ख्वाजा मोईनुद्दीन हसन चिश्ती की दरगाह पर पेश करने के लिए चादर सौंपी।
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