Thursday , 21 May 2026

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने दी विभिन्न सेवा नियमों के संशोधन प्रस्तावों को मंजूरी

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने सोमवार को राज्य के कार्मिकों एवं अधिकारियों के वेतन, पेंशन आदि से संबंधित विभिन्न सेवा नियमों के संशोधन प्रस्तावों को मंजूरी प्रदान की है।

राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1996 में संशोधन को स्वीकृति
श्री मिश्र ने राजस्थान सिविल सेवा (पेंशन) नियम 1996 के अंतर्गत कार्मिक को 28 वर्ष की अर्हकारी सेवा के स्थान पर 25 वर्ष की अर्हकारी सेवा पूर्ण करने पर सेवानिवृति पर पूर्ण पेंशन का लाभ देने और 75 वर्ष के पेंशनर या उसके पारिवारिक पेंशनर को 10 प्रतिशत अतिरिक्त् पेंशन भत्ता देने तथा कार्मिक या पेंशनर की मृत्यु की दशा में उसके विवाहित नि:शक्त पुत्र या पुत्री तथा 12 हजार 500 रूपये प्रतिमाह तक की आय वाले पात्र सदस्यों को भी पारिवारिक पेंशन का लाभ देने वाले संशोधन प्रस्ताव को स्वीकृति प्रदान की है।

वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को पी.जी. डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा पर अग्रिम वेतन वृद्धियों का पूर्ण लाभ
इसी प्रकार राज्यपाल श्री मिश्र ने वित्त विभाग द्वारा राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 की अनुसूची 5 में संशोधन किए जाने संबंधित उस अधिसूचना संशोधन का अनुमोदन किया है जिसके अंतर्गत वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारियों को पी.जी. डिग्री या समकक्ष डिप्लोमा पर अग्रिम वेतन वृद्धियों का पूर्ण लाभ प्राप्त हो सकेगा। अधिसूचना संशोधन से वरिष्ठ चिकित्सा अधिकारी से उच्च पदों हेतु भी अग्रिम वेतन वृद्धियों का प्रावधान करने से उच्च अधिकारियों को भी लाभ प्राप्त हो सकेगा।

राजस्थान सिविल सेवा (पुनरिक्षित वेतन) नियम में संशोधन
राज्यपाल ने कर्मचारियों और अधिकारियों को वर्तमान में देय विशेष भत्ते एवं विशेष वेतन में ‘वेतन विसंगति परीक्षण समिति’ की अभिशंषा के अनुरूप वृद्धि संबंधित राजस्थान सिविल सेवा (पुनरिक्षित वेतन) नियम 2017 की अनुसूची 111 में संशोधन प्रस्ताव को भी मंजूरी प्रदान की है।
श्री मिश्र ने विभिन्न विभागों के पदों के पे—लेवल में संशोधन किए जाने संबंधित उस अधिसूचना को भी स्वीकृति प्रदान की है जिसमें कार्मिक की पदोन्नति/एसीपी पर, पदोन्न्ति पद के पे—लेवल में समान सैल होने पर आगामी सैल में वेतन नियतन हो सकेगा। इससे उसके वेतन में वृद्धि होगी एवं वर्तमान में एक ही वेतन वृद्धि की तिथि के स्थान पर भविष्य में दो वेतन वृद्धियां यथा 1 जनवरी और 1 जुलाई से किए जाने के के प्रस्ताव का भी उन्होंने अनुमोदन किया है। इससे कार्मिकों को प्रथम वेतन छ: माह में प्राप्त होना सुनिश्चित हो सकेगा तथा राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतन) नियम 2017 में इन संशोधनों से विभिन्न सेवाओं के पदनाम सेवा नियमों के अनुरूप हो जाएंगे।

कार्य प्रभारित कार्मिकों को नियमित कार्मिकों के समान वेतनमान की मंजूरी
राजस्थान सिविल सेवा (पुनरीक्षित वेतनमान) नियम 1989, 1998, 2008 एवं 2017 में संशोधन करने से कार्य प्रभारित कार्मिकों को नियमित कार्मिकों के समान वेतनमान एवं पदनाम उपलब्ध कराने संबंंधित राज्य सरकार के प्रस्ताव को भी राज्यपाल ने सोमवार को मंजूरी प्रदान की है।
——

Check Also

एम.बी.एम. विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह आयोजित प्रौद्योगिकी शिक्षा के तहत विश्वविद्यालय युवाओं को नवाचारों से जोड़ते हुए शोध की मौलिक भारतीय दृष्टि से संपन्न करे – राज्यपाल संविधान स्तम्भ का किया लोकार्पण

राज्यपाल और कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने कहा कि प्रौद्योगिकी शिक्षा के तहत विश्वविद्यालय युवाओं …