राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने शुक्रवार को खोले के हनुमानजी मंदिर न्यास की वेबसाइट का लोकार्पण किया। उन्होंने इस मौके पर कहा कि वेबसाइट निर्माण से अब सुदूर स्थानों के, देश विदेश के श्रद्धालु आस्था के इस पावन धाम हनुमान मंदिर में श्री हनुमान जी के ऑनलाइन दर्शन कर सकेंगे।
श्री मिश्र ने हनुमान जयंती और धनतेरस की प्रदेशवासियों को बधाई देते हुए कहा कि राजधानी जयपुर में पहाड़ों की खोह में पहाड़ पर लेटे खोले के हनुमानजी के मंदिर की विशिष्ट पहचान है। उन्होंने कहा कि हनुमानजी भक्ति और शक्ति के प्रतीक पृथ्वी के साक्ष्यात देवता हैं। उनके स्मरण मात्र से बड़े से बड़ा संकट दूर हो जाता है, इसीलिए जन जन में वह संकटमोचक कहलाते है।
राज्यपाल ने सन्त तुलसीदास रचित हनुमान चालीसा की चर्चा करते हुए कहा कि चैपाइयों में यह हनुमान के जीवन चरित्र का सार है। उन्होंने कहा कि राज्यपाल पद पर आने के बाद राजभवन में उन्होंने सबसे पहले त्रिदिवसीय हनुमन्त चरित्र कथा का ही आयोजन करवाया था। हनुमान जी की कथा श्रवण से ही अलौकिक आनंद की अनुभूति होती है।
श्री मिश्र ने खोले के हनुमानजी मंदिर की स्थापना में ब्रम्हलीन राधेलाल जी चैबे और सन्त शिरोमणि नवरदास जी के योगदान का स्मरण करते हुए उन्हें प्रणाम किया। उन्होंने मंदिर के विकास की सराहना करते हुए मंदिर न्यास के प्रबंधन की भी प्रशंसा की।
इससे पहले मंदिर प्रन्यास के महामंत्री श्री ब्रजमोहन शर्मा और अध्यक्ष श्री गिरधारी शर्मा ने खोले के हनुमानजी मंदिर के इतिहास और विकास के बारे में जानकारी दी।
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