राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने दिव्यांगों को समाज में सहज, अनुकूल, भेदभाव रहित और न्यायोचित माहौल प्रदान किए जाने का आह्वान किया है। उन्होंने कहा कि दिव्यांगों को मानसिक और शारीरिक रूप में संबल प्रदान कर सक्षम बनाने के साथ ही उन्हें रोजगार, शिक्षा और प्रशिक्षण के लिए बेहतर अवसर प्रदान किए जाने चाहिए।
श्री मिश्र शनिवार को वाराणसी में ‘संजीवनी थेरपी सेंटर फॉर स्पेशल चिल्ड्रन’ के शिलान्यास और भूमिपूजन कार्यक्रम में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने दिव्यांगों के सर्वांगीण विकास और समाज में उनकी निर्बाध भागीदारी के लिए भी सभी स्तरों पर प्रयास किए जाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि अवसर मिले तो दिव्यांग आम व्यक्ति से अधिक बेहतर कर सकते हैं।
उन्होंने ‘संजीवनी सोशल वेलफेयर सोसायटी’ द्वारा आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों की शिक्षा के साथ ही विशेष रूप से दिव्यांग बच्चों को केन्द्र में रखकर उनकी थैरेपी से संबंधित सेवाओं के लिए किए जा रहे कार्यों की सराहना भी की। उन्होंने कहा कि विशेष आवश्यकता वाले बच्चों के शरीर से जुड़ी व्याधियों की गहराई में जाते हुए उसका समुचित उपचार करने के लिए विभिन्न थैरेपियों के जरिए उन्हें स्वस्थ करने की ‘संजीवनी थेरपी सेंटर फॉर स्पेशल चिल्ड्रन की मुहिम दूसरों के लिए भी अनुकरणीय है।
उन्होंने दिव्यांग बच्चों की शिक्षा के साथ ही उनकी थैरेपी और स्किल डवलपमेंट के लिए किए जाने वाले कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी सेवा की ही आज समाज को अधिक आवश्यकता है जिससे दिव्यांगों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उन्हें सभी स्तरों पर सक्षम बनाने के लिए कार्य किया जाए।
राज्यपाल श्री मिश्र ने कार्यक्रम के दौरान उपस्थितजन को संविधान की उद्देश्यिका और मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया । राज्यपाल ने शिलान्यास और भूमि पूजन के उपरान्त पौधारोपण भी किया।
इससे पहले सोसायटी के महासचिव डॉ. विद्यासागर पाण्डेय ने बताया कि संजीवनी सोशल वेलफेयर सोसायटी दिव्यांग बच्चों को केन्द्र में रखकर उनके उपचार के साथ ही उनकी स्किल डवलपमेंट के लिए भी विशेष कार्य कर रहा है।
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