Thursday , 21 May 2026

स्टार्टअप को बढ़ावा देकर साकार करें आत्म निर्भर भारत की सोच

राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि प्रौद्योगिकी के जरिए समाज में बड़े स्तर पर सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। इसके लिए युवाओं में शिक्षा के दौरान ही उद्यमिता के बीज बोए जाएं ताकि वे नए-नए स्टार्टअप के माध्यम देश को अग्रणी बनाने में योगदान दे सकें ।

राज्यपाल श्री मिश्र शनिवार को शंकरा ग्रुप ऑफ इन्स्टीट्यूशन द्वारा कूकस में आयोजित ‘ग्लोबल हैकाथॉन-इनोवेशन एण्ड स्टार्टअप कॉम्पिटिशन एण्ड साईट 2022’ के उद्घाटन समारोह में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने युवाओं का आह्वान किया कि वे सरकारी नौकरियों के पीछे भागने के बजाय ‘आत्म निर्भर भारत’ की सोच को साकार करते हुए दूसरों के लिए भी रोजगार प्रदाता बनें। उन्होंने कहा कि स्टार्टअप के माध्यम से युवा न केवल स्वरोजगार प्राप्त करते हैं बल्कि दूसरों को भी रोजगार के बेहतर अवसर प्रदान कर सकते हैं।

राज्यपाल श्री मिश्र ने निजी क्षेत्र का आह्वान किया कि शिक्षा के व्यवसायीकरण में इसका मूल उद्देश्य गौण नहीं होने दें और विद्यार्थियों के चहुंमुखी विकास को ध्येय मानकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि देश की नई शिक्षा नीति में विद्यार्थी को विषय अध्ययन के साथ भविष्य के लिए तैयार करने पर बल दिया गया है।

राज्यपाल ने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों के बेहतरीन उपयोग पर बल देते हुए कहा कि इससे लघु एवं मध्यम उद्योगों के अंतर्गत रोजगार के भरपूर अवसर सृजित किए जा सकते हैं। उन्होंने विज्ञान और प्रौद्योगिकी के प्राचीन ज्ञान का अनुवाद कराने के लिए शिक्षण संस्थान पहल करें। उन्होंने हैकथाॅन के आयोजन के लिए साधुवाद देते हुए कहा कि इससे युवाओं को नए उत्पाद, नए तरीकों और तकनीक से जुड़े नवाचारों के लिए प्रेरणा मिलेगी।

राज्यपाल ने विद्यार्थियों द्वारा विनिर्माण व्यवसाय, सार्वजनिक परिवहन के बेहतर उपयोग और एटीएम मशीन से चोरी रोकने सहित विभिन्न नवाचारों के लिए विकसित किए गए एप का अवलोकन किया और विद्यार्थियों का हौसला बढ़ाया।

अहिंसा विश्व भारती के संस्थापक आचार्य डॉ. लोकेश मुनि ने कहा कि बेहतर समाज के लिए आधुनिक शिक्षा के साथ- साथ विद्यार्थियों को नैतिकता पूर्ण जीवन मूल्यों पर आधारित शिक्षा भी प्रदान की जानी चाहिए।

राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.ए.गुप्ता ने अपने संबोधन में विश्वविद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों तथा शंकरा शिक्षा समूह के अध्यक्ष श्री संत कुमार चौधरी ने दो दिवसीय इस हैकथाॅन के आयोजन के उद्देश्यों के बारे में जानकारी दी।

कार्यक्रम के आरम्भ में राज्यपाल श्री मिश्र ने संविधान की उद्देश्यिका तथा मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया। उन्होंने इस अवसर पर टेक्निकाॅन तथा किसान इन्टरनेशनल जर्नल का विमोचन भी किया।

समारोह के दौरान राज्यपाल के प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्दराम जायसवाल, एनआई- एमएसएमई, हैदराबाद की महानिदेशक श्री एस. ग्लोरी स्वरूपा सहित अधिकारीगण, शिक्षकगण तथा विद्यार्थी उपस्थित थे।

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