राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि नई शिक्षा नीति प्राचीन ज्ञान के आलोक में समाज को एक नई दिशा प्रदान करेगी। इससे विद्यार्थी हमारी संस्कृति के जीवन मूल्यों से जुड़ रहते आधुनिक विकास की ओर अग्रसर हो सकेंगे।
राज्यपाल श्री मिश्र बुधवार को अजमेर में महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय में आयोजित दशम दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता कर रहे थे। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति के तहत भारतीय विश्वविद्यालयों को वैश्विक रैंकिंग में स्थान दिलाने के लिए काम किया जाए ताकि वह रोजगार मांगने के बजाए देने की सोच विकसित करे।
राज्यपाल ने कहा कि नई शिक्षा नीति मेें ऎसे अनुसंधान और शिक्षण से जुड़े विश्वविद्यालयों की स्थापना पर जोर दिया गया है जिससे विद्यार्थी नवाचार एवं नए विषयों के अन्वेषण के लिए प्रेरित हो सकें। उन्होंने कहा कि इसमें आदिवासी और स्वदेशी ज्ञान सहित भारतीय ज्ञान प्रणालियों को सटीक और वैज्ञानिक तरीके से पाठ्यक्रम में शामिल किए जाने पर भी बल दिया गया है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति ऎसे आकांक्षी क्षेत्रों पर ध्यान केंद्रित करने वाली है जिसमें बड़ी संख्या में छात्र आर्थिक, सामाजिक या जाति बाधाओं का सामना कर रहे हैं। इस शिक्षा नीति के तहत ऎसे जिलों को ‘विशेष शैक्षिक क्षेत्र’ के रूप में नामित कर उनके विकास की बात कही गयी है।
राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि उच्च शिक्षा में सकल नामांकन अनुपात (जी.ई.आर ) केवल 27.1 प्रतिशत है, जो विश्व की तुलना में बहुत कम है। हमें इस अनुपात को बढ़ाने के लिए योजनाबद्ध रूप से लगातार काम करना होगा। उन्होंने विश्वविद्यालयों से ऎसे पाठ्यक्रम और नवाचार करने को कहा जिनसे उच्च शिक्षा में गुणवत्ता मे सुधार के साथ ही नामांकन वृद्धि हो।
राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि विश्वविद्यालय भी स्थानीय उद्योगों से समन्वय स्थापित कर ऎसे प्रशिक्षण कार्यक्रम और उद्यमिता के नवाचारों को बढ़ावा दें जिससे भविष्य में विद्यार्थियों के कौशल का देश के विकास में अधिकाधिक उपयोग हो सकें।
इस अवसर पर उच्च शिक्षा मंत्री श्री राजेन्द्र सिंह यादव ने कहा कि राजस्थान के शैक्षणिक विकास में विश्वविद्यालयों की अहम भूमिका है। उन्होंने कहा कि युवा अपने ज्ञान को गहरा एवं व्यापक बनाएं, इसमें प्राचीनता और नवीनता का समावेश हो। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री श्री अशोक गहलोत के नेतृत्व में राज्य सरकार ने उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य किया है।
कुलपति प्रो. अनिल शुक्ल ने विश्वविद्यालय का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि दीक्षांत समारोह में 179 विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक प्रदान किए। साथ ही अपाला छात्रावास और आधुनिक सुविधाओं युक्त स्वराज सभागार का लोकार्पण किया गया।
इससे पूर्व राज्यपाल का अजमेर आगमन पर सांसद श्री भागीरथ चौधरी, पूर्व सांसद श्री ओंकार सिंह लखावत, संभागीय आयुक्त श्री बी.एल. मेहरा, जिला कलक्टर श्री अंशदीप एवं पुलिस अधीक्षक श्री चूनाराम जाट ने स्वागत किया।
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