Thursday , 21 May 2026

सर्वसुलभ शिक्षा के लिए ई-पाठ्यक्रम और ऑनलाइन शिक्षा में नवाचार की जरूरत

राज्यपाल एवं कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने कहा है कि शिक्षा को सर्वसुलभ बनाने में तकनीक की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि शिक्षा के लोकतंत्रीकरण के लिए ई-पाठ्यक्रम और ऑनलाइन शिक्षण पद्धतियों में अधिकाधिक नवाचारों एवं शोध को बढ़ावा दिए जाने की आवश्यकता है।

राज्यपाल श्री मिश्र राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय,कोटा के दीक्षान्त समारोह में बुधवार को यहां राजभवन से ऑनलाइन सम्बोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि कोविड महामारी में ऑनलाइन शिक्षा ने शिक्षण व्यवस्था को बाधित नहीं होने दिया। ऑनलाइन शिक्षण की उपयोगिता को देखते हुए इसे और अधिक सुगम, संवादमूलक और आकर्षक बनाने की जरूरत है। ऐसे ई-पाठ्यक्रम तैयार किए जाएं जो विद्यार्थियों के लिए रोचक तो हों ही, उनसे विद्यार्थियों के ज्ञान और कौशल में भी युगानुरूप वृद्धि की जा सके।

कुलाधिपति ने कहा कि इस वर्ष केन्द्रीय बजट में डिजिटल इण्डिया मिशन के तहत ऑनलाइन शिक्षा पद्धति के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। उन्होंने कहा कि युवाओं के कौशल विकास और कौशल में वृद्धि करने के लिए डिजिटल स्किलिंग प्लेटफार्म ‘देश-स्टैक ई-पोर्टल’ आरंभ करने की पहल भी महत्वपूर्ण है।

राज्यपाल ने तकनीकी शिक्षा में मानवीय मूल्यों का समावेश किए जाने पर बल देते हुए कहा कि इससे न केवल भविष्य के अच्छे इन्सान और बेहतर नागरिक बनाए जा सकते हैं बल्कि सांस्कृतिक रूप में भी हम और अधिक संपन्न हो सकते हैं।

राज्यपाल ने इस अवसर पर राजस्थान तकनीकी विश्वविद्यालय, कोटा के संविधान उद्यान का ऑनलाइन शिलान्यास किया।

दीक्षान्त समारोह के दौरान वर्ष 2019-29 में एमटेक, बीटेक की विभिन्न ब्रांच और एमआर्क, बीआर्क, एमबीए, एमसीए एवं पीएचडी की उपाधियां और सर्वाधिक अंक प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को स्वर्ण पदक प्रदान किए गए। एमसीए की सुश्री राधिका गोयल को कुलाधिपति स्वर्ण पदक तथा बीटेक की वंदना वैष्णव को कुलपति स्वर्ण पदक प्रदान किए गए।

विदेश मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव श्री हर्ष कुमार जैन ने अपने दीक्षांत उद्बोधन में यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग कॉलेज, कोटा में अध्ययन के समय की स्मृतियों को उपस्थित अतिथियों एवं छात्रों से साझा किया। उन्होंने विद्यार्थियों से तकनीकी रूप से उन्नत और आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को साकार करने के लिए कार्य करने का आह्वान किया।

विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. आर.ए. गुप्ता ने प्रगति प्रतिवेदन प्रस्तुत कर विश्वविद्यालय की शैक्षणिक, सह-शैक्षणिक गतिविधियों एवं विकास कार्यों के बारे में जानकारी दी।

राज्यपाल श्री मिश्र ने समारोह के आरम्भ में उपस्थित अतिथियों, शिक्षकों एवं छात्र-छात्राओं को भारतीय संविधान की उद्देश्यिका एवं संविधान में वर्णित मूल कर्तव्यों का वाचन करवाया।

इस अवसर पर राज्यपाल के प्रमुख सचिव श्री सुबीर कुमार, प्रमुख विशेषाधिकारी श्री गोविन्द राम जायसवाल, विश्वविद्यालय प्रबंध-मण्डल एवं विद्या-परिषद के सदस्यगण, शिक्षकगण एवं विद्यार्थीगण प्रत्यक्ष एवं ऑनलाइन उपस्थित रहे।

Check Also

एम.बी.एम. विश्वविद्यालय का प्रथम दीक्षांत समारोह आयोजित प्रौद्योगिकी शिक्षा के तहत विश्वविद्यालय युवाओं को नवाचारों से जोड़ते हुए शोध की मौलिक भारतीय दृष्टि से संपन्न करे – राज्यपाल संविधान स्तम्भ का किया लोकार्पण

राज्यपाल और कुलाधिपति श्री कलराज मिश्र ने कहा कि प्रौद्योगिकी शिक्षा के तहत विश्वविद्यालय युवाओं …