राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने सोमवार को रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान का परिवार सहित भ्रमण किया। सफारी के दौरान रणथम्भौर के जोन नं. 2 में बाघिन एयरोहेड (टी-86) दिखी, तो राज्यपाल श्री मिश्र सहित सभी मेहमान रोमांचित हो उठे। उन्होंने सफारी के दौरान भालू, चीतल, सांभर सहित कई प्रजाति के वन्य जीव दिखने पर यहां की जैव विविधता की सराहना की।
राज्यपाल श्री मिश्र को वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों ने रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन, वन्य जीवों की स्थिति तथा उनकी देखभाल, वन्य जीवों की सुरक्षा के लिये किये जा रहे प्रयासों के सम्बंध में जानकारी दी।
राज्यपाल श्री मिश्र ने इस दौरान कहा कि वन वन्यजीवों के प्राकृतिक घर हैं, इसलिए वनों पर पहला अधिकार वन्यजीवों का है। उन्होंने कहा कि रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान में पर्यटन गतिविधियों के संचालन में यहां के वन्य जीवों की सुरक्षा सुनिश्चित करते हुए ध्यान रखा जाए कि वन्य जीवों के स्वतंत्र विचरण में बाधा नहीं पड़े। उन्होंने कहा कि यहां आने वाले पर्यटक वन्य जीवों के प्रति संवेदनशील रहें और वन क्षेत्र को प्लास्टिक, कचरे आदि से गन्दा नहीं करें।
राज्यपाल श्री मिश्र के साथ सफारी के दौरान प्रधान मुख्य वन संरक्षक डॉ. डी. एन. पांडेय, अतिरिक्त मुख्य वन संरक्षक एवं चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन श्री अरिन्दम तोमर, सवाई माधोपुर जिला कलक्टर श्री सुरेश कुमार ओला भी उपस्थित रहे।
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