राज्यपाल श्री कलराज मिश्र ने स्वामी विवेकानंद जयंती (12 जनवरी) पर उन्हें नमन करते हुए उनके आदर्शों को आत्सात करने का आह्वान किया है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद को स्मरण करते हुए उनकी शिक्षाओं से प्रेरणा लेने का आह्वान किया है।
राज्यपाल श्री मिश्र ने कहा कि सुदूर देशों में भारतीयता और भारतीय संस्कृति का ध्वज फहराने वाले स्वामी विवेकानंद का संपूर्ण जीवन ही प्रेरणास्पद रहा है। उन्होंने स्वामी विवेकानंद द्वारा युवाओं को दिए संदेश ‘उठो, जागो और तब तक नहीं रूको जब तक कि मंजिल नहीं मिल जाए।‘ का स्मरण दिलाते हुए उनके आदर्शों को आत्मसात करने का आह्वान किया है।
श्री मिश्र ने स्वामी विवेकानंद द्वारा विचारों पर ध्यान देने के आदर्श की चर्चा करते हुए कहा कि व्यक्ति जो भी सोचता है, वैसा ही बन जाता है। उन्होंने कहा कि स्वामीजी द्वारा शब्दों का प्रयोग सोचकृसमझ कर करने, भारतीय संस्कृति के उज्ज्वल पक्षों के प्रसार, नैतिकता आदि के दिए संदेश आज भी उतने ही प्रासंगिक है जितने कि उनके समय में थे। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद के संदेशों को आत्मसात करके ही हम अपना और देश का विकास कर सकते हैं।
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